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नवरात्रों पर बाजारों में श्रद्धालुओं की लगी है भीड़
महंगाई भी आस्था पर नहीं डाल पा रही है कोई असर पूजन व खाद्य सामग्रियों में आई है तेजी

गुड़गांव, 31 मार्च (अशोक): चैत्र नवरात्रों को लेकर शहर के विभिन्न बाजारों व शॉपिंग कॉम्पलैक्स स्थित दुकानों पर सामान खरीदने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। शनिवार से मां दुर्गा के नवरात्रे शुरु हो रहे हैं। शहर के मुख्य सदर बाजार, सोहना चौक, जैकबपुरा, ओल्ड व न्यू रेलवे रोड, एमजी रोड स्थित शॉपिंग मॉल्स स्थित दुकानें नवरात्रों के लिए सज गई हैं। इन दुकानों पर जहां मां दुर्गा की पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की बिक्री हो रही है, वहीं श्रद्धालुओं द्वारा व्रत रखे जाने पर खानपान की वस्तुओं की भी खूब बिक्री हो रही है।
मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की प्रतिमाओं की खरीददारी करते श्रद्धालु दिखाई दिए। दुकानों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है, जिनमें महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। जहां पूजन सामग्री महंगी हो गई है, वहीं व्रत के दौरान इस्तेमाल होने वाले कुट्टू और सिंघाड़े के आटे के दामों में गत वर्ष की अपेक्षा 25 प्रतिशत की बढोतरी हो गई है। फलों के दामों में भी महंगाई का असर दिखाई देने लगा है, लेकिन फिर भी श्रद्धालुओं की आस्था नवरात्रों के प्रति कम होती दिखाई नहीं दे रही है। आलू के दामों में भी वृद्धि हुई बताई जाती है। माता की चुनरी 50 रुपए तक मिल पा रही है जबकि नारियल 50 से 60 रुपए तथा ड्राई फ्रूट के दामों में भी गत वर्ष की अपेक्षा अधिक वृद्धि हुई है।
उधर नवरात्रों पर मां दुर्गा की पूजा के लिए कलाकारों ने मूर्तियां भी बनाई हैं। राजस्थान से आए कलाकारों ने माता के विभिन्न स्वरुपों की मूृर्तियां बनाई हैं। एमजी रोड पर इन मूर्तियों की बिक्री लिए आज से शुरु हो गई है। कलाकार राधेश्याम व दीपक का कहना है कि मूृर्तियों के बनाने में इस बार लागत अधिक आई है। ग्राहक भाव तोल अधिक करते हैं। माता का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि महंगाई चाहे कितनी भी क्यों न हो जाए। माता का व्रत तो रखना ही है।
उधर नवरात्रों पर मां दुर्गा की पूजा के लिए कलाकारों ने मूर्तियां भी बनाई हैं। राजस्थान से आए कलाकारों ने माता के विभिन्न स्वरुपों की मूृर्तियां बनाई हैं। एमजी रोड पर इन मूर्तियों की बिक्री लिए आज से शुरु हो गई है। कलाकार राधेश्याम व दीपक का कहना है कि मूृर्तियों के बनाने में इस बार लागत अधिक आई है। ग्राहक भाव तोल अधिक करते हैं। माता का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि महंगाई चाहे कितनी भी क्यों न हो जाए। माता का व्रत तो रखना ही है।

