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तीन और ‘मुस्कान’ आईं सामने, बेवफाई करके प्रेमियों संग मिलकर छीन ली पति की जान

मेरठ में मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत की हत्या उनकी पत्नी मुस्कान ने की थी। अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर मुस्कान ने सौरभ की हत्या की। शव के टुकड़े करके ड्रम में भर दिए और ड्रम को सीमेंट से सील कर दिया। 13 दिन बाद वारदात का खुलासा हुआ और फिर हत्याकांड की जो खौफनाक कहानी सामने आई, पूरा देश हिल गया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पिछले 10 दिन में मेरठ जैसी 3 और वारदातें हुईं। मुस्कान जैसी 3 और कातिल बीवियां पुलिस ने दबोचीं, जिन्होंने प्रेमी संग मिलकर पति की जान ले ली।

तीनों की कहानी मुस्कान की कहानी से मिलती जुलती है। एक कहानी उत्तराखंड की है, जहां अमृतसर के सेवादार सुखपाल सिंह को उसकी प्रेमिका रितु ने मारकर ठिकाने लगा दिया। दूसरी कहानी उत्तर प्रदेश के ही वाराणसी की है, जहां दिलजीत सिंह को उसकी प्रेमिका सरस्वती ने नए प्रेमी के साथ मिलकर मार दिया। तीसरी कहानी राजस्थान के जयपुर की है, जहां एक महिला ने अवैध संबंधों के चलते अपने पति को मारकर उसकी लाश का जला दिया। तीनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों को दबोचकर कड़ी कार्रवाई की।

उत्तराखंड में सुखपाल सिंह की हत्या

उत्तराखंड के हरिद्वार में 18 मार्च को पथरी थाना क्षेत्र में शाहपुर माडी के पास एक शख्स की लाश मिली, जिसकी पहचान सुखपाल सिंह निवासी गांव शाहपुर शीतलाखेडा थाना पथरी के रूप में हुई। हरिद्वार SSP प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने जांच की तो पता चला कि सुखपाल की हत्या उसकी पत्नी रितु ने अपने प्रेमी रितिक के साथ मिलकर की थी, क्योंकि दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन परिजनों के दबाव ने रितु को सुखपाल से शादी करनी पड़ी। शादी के बाद भी रितु-रितिक मिलते थे और उन्होंने प्यार में रोड़ा बने सुखपाल को मारकर लाश ठिकाने लगा दी। सुखपाल पंजाब में नौकरी करता था। रितु ने बहाने से उसे पंजाब से बुलाया और उसे खूब शराब पिलाई। जब वह नशे में धुत हो गया तो दोनों ने मिलकर उसका गला घोंट दिया।

 

वाराणसी में दिलजीत सिंह की हत्या

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में होली वाले दिन दिलजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात दिलजीत की प्रेमिका चाहत ने अपने नए प्रेमी राजकुमार के साथ मिलकर अंजाम दी थी। राजकुमार चंदौली के DDU के तहत आने वाले गांव मड़िया पड़ाव निवासी था। राजकुमार ने दिलजीत के सीने में गोली मारी। सरस्वती दिलजीत से ब्रेकअप के बाद राजकुमार के साथ रिश्ते में थे, लेकिन दिलजीत सरस्वती से संबंध खत्म नहीं करना चाहता था, इसके लिए वह उसे मनाने में जुटा था।

चाहत को यह नागवार गुजरा और उसने राजकुमार के हाथों दिलजीत की हत्या कर दी। होली के दिन होली खेलने के बहाने दिलजीत को सरस्वती ने बुलाया था। राजकुमार हेलमेट पहनकर आया और उसने दिलजीत के सीने में गोली मार दी। SOG और जैतपुरा पुलिस ने राजकुमार को जलालीपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर बाइक के साथ और चाहत को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय-लकड़ी मंडी तिराहा मार्ग पर दबोच लिया।

मेरठ जैसा तीसरा हत्याकांड राजस्थान के जयपुर में हुआ था। धन्नालाल नामक शख्स को उसकी पत्नी गोपाली देवी ने प्रेमी दीनदयाल के साथ मिलकर ठिकाने लगाया था। गोपाली देवी प्रेमी दीनदयाल की दुकान पर काम करती थी। धन्नालाल को उनके 5 साल से चल रहे अवैध संबंधों की खबर लग गई थी। गोपाली ने झूठ बोला था कि वह फैक्ट्री में काम करती है।

सच पता चलने पर धन्नालाल गोपाली से बात करने गया, जहां दोनों का झगड़ा हुआ। मारपीट में गोपाली ने धन्नालाल को धक्का दिया और दीनदयाल ने उसके सिर में रॉड से वार किए। धन्नालाल की मौत हो गई तो वे उसके शव को बोरे में भरकर ठिकाने लगाने के लिए ले गए। रिंग रोड के पास दोनों ने बोरे को आग लगा दी। पुलिस को आधा जला शव बरामद हुआ था। DCP आनंद ने वारदात की पुष्टि की।

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