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जिलाधिकारी ने जूम ऐप पर की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा

कन्याओं के सम्मान के लिए कन्याओं को स्वालंबन बनाए जाने के लिए यह योजना चलाई गई है।

बागपत। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में महत्वकांक्षी योजना 1 अप्रैल 2019 को प्रारंभ की गई थी जिससे कि बेटे और बेटियों के प्रति भेदभाव खत्म हो। कन्याओं के सम्मान के लिए कन्याओं को स्वालंबन बनाए जाने के लिए यह योजना चलाई गई है। बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना हो। इस योजना में पात्रता के आधार पर लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। जनपद बागपत में जिलाधिकारी राजकमल यादव के नेतृत्व में योजना को नियमित आगे बढ़ाया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों के साथ योजना की साप्ताहिक समीक्षा बैठक की जा रही है। बैठक के माध्यम से भी अधिकारियों को लंबित मामलों को निस्तारित करने के लिए निर्देशित किया जा रहा है। जनपद में वर्तमान में 1138 आवेदन लंबित हैं जिनको जिलाधिकारी ने तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के प्रारम्भ से अब तक जनपद में कुल 15046 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से शासन को 11885 पात्रता के आधार पर भुगतान के लिए प्रेषित किए जा चुके हैं जिसमें 8715 को भुगतान हो चुका है। जनपद में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत एक करोड़ 53 लाख 53 हजार लाभार्थियों को महत्वकांक्षी योजना से लाभान्वित किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने बताया कि उ0प्र0 मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना, लैंगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह की कुप्रथा को रोकना, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देना, बालिकाओं को स्वावलम्बी बनाने में सहायता प्रदान करना, बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित होने के लिए आवेदन हेतु अवश्य अभिलेख में आवेदनकर्ता का वोटर आईडी व आधार कार्ड ,आवेदक की पासबुक ,पिता का आईडी व आधार कार्ड ,पात्र श्रेणी हेतु प्रमाण पत्र ,शपथ पत्र आवेदन Mksy.up.gov.in पर कर सकते हैं।
योजनान्तर्गत छः श्रेणियों के अन्तर्गत लाभार्थी 15000 रुपए प्राप्त कर सकते है जिसका वर्गीकरण कर उनके लिये धनराशि वितरण की श्रेणियां निर्धारित की गयी है, जिसमें बालिका के जन्म होने पर रूपये. 2000/-, बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त रूपये. 1000/-, कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रूपये. 2000/-, कक्षा छः में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रूपये. 2000/-, कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रूपये. 3000/- एवं ऐसी बालिकाओं जिन्होनें कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा 02 वर्षीय या आर्थिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो को रूपये. 5000/- की धनराशि प्रदान की जानी है। योजना की नियमित सप्ताहिक समीक्षा जिलाधिकारी महोदय द्वारा की जाती है।
महिला कल्याण विभाग के अधिकारी ब्लॉक स्तर ग्राम स्तर पर योजनाओं से जागरूक करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं के बारे में पात्र व्यक्ति कैसे लाभान्वित हो सके के उद्देश्य से स्वालंबन कैंपों का भी जनपद में आयोजन किया जा रहा है।

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