Bihar

‘चुनाव आयोग को नागरिकता जांचने का अधिकार नहीं’, बिहार में SIR पर भड़के प्रशांत किशोर

बिहार में वोटर लिस्ट रिव्यू को लेकर विपक्षी एकता को अब प्रशांत किशोर का सपोर्ट मिला है। प्रशांत किशोर ने कहा कि अनुच्छेद 326 वोट देने का अधिकार देता है। अठारह साल से अधिक आयु के भारतीय नागरिक को वोट देने का मौलिक अधिकार है। अठारह साल से अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक को आगामी चुनाव में वोट देने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग बेकार के दस्तावेज में फंसाकर उसे वोट के अधिकार से वंचित नहीं कर सकता। आयोग को नागरिकता जांचने का अधिकार नहीं है। ये चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र के बाहर है।

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

इधर सुप्रीम कोर्ट में आज वोटर लिस्ट रिवीजन की प्रक्रिया को लेकर सुनवाई होनी है। 5 जुलाई को इसको लेकर एडीआर ने याचिका दाखिल की थी। उन्होंने याचिका में निर्वाचन आयोग के आदेश को रद्द करने की मांग की है। बता दें कि एसआईआर को लेकर आरजेडी सांसद मनोज झा, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने याचिका दाखिल की है।

विपक्ष ने बुलाया था बिहार बंद

बिहार में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष ने बुधवार को बिहार बंद का ऐलान किया था। इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और गठबंधन के अन्य नेताओं ने पटना में विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी ने विधानसभा के सामने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने चुनाव आयोग और सरकार पर तीखा हमला बोला है। चुनाव आयोग भूल रहा है कि वो कोई राजनीतिक पार्टी का नहीं है। महाराष्ट्र की तरह बिहार में भी चुनाव चोरी की साजिश है। हम यह होने नहीं देंगे। अब वो नया बिहार मॉडल लाए हैं।

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग अब गोदी आयोग बन गया है। बीजेपी सरकार पहले राशन-पेंशन का आरक्षण खत्म करेगी। बिहार लोकतंत्र की जननी है। बिहारी गरीब जरूर है लेकिन सजग और सतर्क है।

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