

बागपत। जनपद के कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा पर आज प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में गांधी विद्या निकेतन डिग्री कॉलेज बूढ़पुर रमाला के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रशिक्षण में भाग लिया गया। केंद्र प्रभारी अधिकारी डॉ संदीप चौधरी द्वारा सभी छात्र छात्राओं को प्राकृतिक खेती विषय पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि आने वाला समय गो आधारित प्राकृतिक खेती मुख्य प्राथमिकता के आधार पर सभी किसानों तक पहुंचाना है। डॉक्टर भूपेंद्र कुमार द्वारा प्राकृतिक खेती विषय पर कम लागत लाभ ज्यादा पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि गो आधारित खेती क्यों कैसे करनी है? इस के चार मुख्य स्तंभ कौन-कौन से हैं। जैसे वीजामृत जीवामृत घनजीवामृत आच्छादन वापस नीमास्त्र ब्रह्मास्त्र अग्नि अस्त्र दशपर्णी आदि फॉर्मूलेशंस के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके बाद कुमारी अंकिता नेगी द्वारा कृषि में मौसम विज्ञान पर आधारित खेती की चर्चा की गई। केंद्र पर लगे ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन के बारे में भी बताया गया। खेती के अंतर्गत मौसम के आधार पर कब-कब हम क्या क्या बदलाव कर सकते हैं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। सभी छात्र छात्राओं को केंद्र पर स्थापित ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन पर भ्रमण कराया गया तथा कैसे मौसम की जानकारी वेदर स्टेशन से ली जाती है। कैसे उसको किसानों तक पहुंचाया जाता है इसके बारे में शादाब द्वारा विस्तार से बताया गया। इसके बाद केंद्र पर स्थापित केंचुआ खाद उत्पादन इकाई पर भ्रमण कराया गया। जानकारी दी गई कि कैसे केंचुआ खाद का उत्पादन किया जाता है और इसका उपयोग हम अपनी खेती में कैसे करते हैं। इसके बाद प्राकृतिक खेती प्रयोगशाला इकाई पर भी सभी छात्र छात्राओं का भ्रमण कराया गया। वहीं पर प्रयोगात्मक रूप से वीजामृत जीवामृत घनजीवामृत एवं दशपर्णी तथा नीमास्त्र ब्रह्मास्त्र अग्नि अस्त्र आदि कैसे बनाए जाते हैं इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विश्व बंधु शास्त्री



