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गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी पप्पू यादव की तबीयत, स्ट्रेचर पर अस्पताल लाए गए सांसद

पटना। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। शनिवार तड़के उन्हें मेडिकल जांच के लिए पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल लाया गया, जहां स्ट्रेचर पर ले जाते समय उनकी आंखें बंद थीं। अस्पताल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने 1995 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई आईपीसी की धारा 468, 506 और 120बी के तहत की गई। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उनकी तबीयत खराब होने की शिकायत सामने आई, जिसके बाद पहले उन्हें आईजीआईएमएस और फिर पीएमसीएच ले जाया गया।

गिरफ्तारी से पहले पटना स्थित उनके आवास पर आधी रात तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। लोकसभा सत्र खत्म होने के बाद जब पप्पू यादव दिल्ली से पटना पहुंचे, उसी दौरान भारी पुलिस बल उनके घर पहुंचा। सिविल ड्रेस में अधिकारी, कई थानों की पुलिस और वरिष्ठ अफसर मौके पर मौजूद थे। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई कोर्ट के वारंट के आधार पर की गई।

वहीं पप्पू यादव ने गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने गिरफ्तारी का वारंट नहीं दिखाया और सिर्फ संपत्ति कुर्की से जुड़े कागजात पेश किए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगा पुलिस नहीं बल्कि अपराधी आए हैं और उनकी हत्या की जा सकती है।

गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों ने जमकर विरोध किया। कुछ कार्यकर्ता पुलिस वाहनों पर चढ़ गए और नारेबाजी की। पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी बहस भी हुई। पप्पू यादव ने मीडिया से कहा कि वह सुबह खुद कोर्ट में पेश होने को तैयार हैं, लेकिन पुलिस स्टेशन नहीं जाएंगे। हालांकि पुलिस ने उनकी बात नहीं मानी और देर रात उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

यह मामला गर्दनीबाग थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता मकान मालिक विनोद बिहारी लाल हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने धोखाधड़ी से मकान किराए पर लिया और निजी उपयोग के नाम पर उसे राजनीतिक कार्यालय बना दिया। विवाद बढ़ने के बाद उनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप लगे। मामला एमपी-एमएलए विशेष अदालत में विचाराधीन था और कोर्ट में पेश न होने पर गिरफ्तारी का आदेश दिया गया।

पप्पू यादव का कहना है कि हाल के दिनों में उन्होंने पटना में नीट छात्र की मौत और गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े मामलों को लेकर सरकार को घेरा था, इसी वजह से उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में हैं और शनिवार को कोर्ट में पेशी होनी है। जमानत मिलेगी या हिरासत बढ़ेगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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