गहलोत ने पिछले साल का बजट भाषण पढ़ा,आठ मिनट पुराना बजट पढ़कर सुनाया, CM ने सदन में माफी मांगी

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज विधानसभा में पुराना बजट भाषण पढ़ दिया। करीब 8 मिनट तक वे पुराना बजट पढ़ते रहे, तभी जलदाय मंत्री महेश जोशी ने आकर CM के कान में कुछ कहा और वो ठिठक गए। गहलोत का भाषण रुका, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।

इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसी विधानसभा में पुराना बजट भाषण पढ़ा गया हो और इस पर जोरदार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दो बार रोकनी पड़ी। CM गहलोत बजट भाषण के लिए जब तीसरी बार खड़े हुए तो माफी मांगी। उन्होंने कहा, जो कुछ हुआ उसके लिए सॉरी फील करता हूं।

विपक्षी सदस्य भारी हंगामा करते हुए सदन के वेल में आ गए थे। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने पुराना बजट पढ़ा है। भारी हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव ऊषा शर्मा को तलब किया और अफसरों की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की।
दोबारा सदन की कार्रवाई शुरू हुई तो CM अशोक गहलोत ने सफाई दी। कहा, ‘बजट भाषण की इस कॉपी में फर्क हो तो बताइए। एक एक्स्ट्रा पेज लग गया गलती से। मैं एक पेज गलत पढने लग गया। लीक होने का सवाल कहां से आ गया?’
इस पर भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। BJP CM के माफी मांगने पर अड़ी रही। सदन की कार्यवाही दोबारा स्थगित करनी पड़ी।
राजस्थान में पहली बार बजट भाषण के दौरान सदन की कार्यवाही स्थगित की गई, पहली करीब आधे घंटे के लिए, फिर 15 मिनट के लिए। दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि मुख्यमंत्री भाषण की शुरुआत की तो वह शेर पिछले भाषण में नहीं था, लेकिन इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना की घोषणा पिछले साल ही की गई थी।
जब गहलोत ने दो पॉइंट्स हूबहू पढ़े तो यह देख सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने CM के कान में बोला। इसी बीच विपक्ष के नेता और उपनेता ने सवाल उठाया कि CM पुराना भाषण पढ़ रहे हैं और बजट लीक हो गया है।। इस पर हंगामा शुरू हो गया। BJP विधायकों ने वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया तो हंगामा बढ़ने लगा तो स्पीकर ने 11 बजकर 12 मिनट पर आधे घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।



