गर्मी में जौ का सत्तु है अत्यंत उपयोग – वैद्य हितेश कौशिक
यमुनापुरम में जीटी रोड स्थित समता आयुर्वेदिक सेंटर पर तीन दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया गया ।

बुलंदशहर (दीपक पंडित )। यमुनापुरम में जीटी रोड स्थित समता आयुर्वेदिक सेंटर पर तीन दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया गया । इस अवसर पर पाइल्स ,भगन्दर, फिशर ,पिलोनाइडल साइनस, वात रोग,माइग्रेन, यौन रोग, गुर्दा रोग ,थायराइड ,हृदय रोग, उदर रोग,आदि गंभीर रोगों पर 24,25 व 26 मई को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया गया । शिविर में कुल 145 रोगियों को परामर्श देकर चिकित्सा दी गई। जिनमें 80 रोगी गुदा रोगों के रहे ।अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के 117वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में यह तीन दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श शिविर आयोजित किया गया । शिविर में आये हुए लोगों को जानकारी देते हुए क्षारसूत्र एवं पंचकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ एवं अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के केंद्रीय संगठन मंत्री वैद्य हितेश कौशिक ने बताया कि तीन दिवसीय शिविर का आयोजन 26 मई तक दोपहर 2 बजे तक किया गया।उन्होंने बताया कि ग्रीष्मऋतु में जौ के सत्तु का प्रयोग करें ।यह शीत वीर्य एवं लघु होने के कारण गर्मी से तत्काल प्रभाव से राहत देता है एवं शरीर को तुरंत शक्ति देता है इसको घढ़े के पानी में घोलकर शक्कर मिलाकर पतला करके पीना चाहिए।अधिक प्यास लगने पर थोड़ा सा भीमसेनी कर्पूर या खस घास को पानी में डालकर पीने से प्यास से तुरंत राहत मिलती है ।लू से बचने के लिए कच्चे आम का पन्ना बनाकर पीना चाहिए।फास्ट फूड, जंक फूड, पकवान, तला हुआ भोजन, तेज मिर्च मसाले का भोजन नहीं लेना चाहिए ।मीठे के लिए श्रीखण्ड का प्रयोग करना चाहिए ।शिविर में डा प्रदीप कुमार शर्मा, दक्ष,नीरज, कांति, व लता, का विशेष सहयोग रहा।




