गरीब की झोपड़ी हटाये तो उसे नई छत भी दे सरकार : सविता अरोड़ा
कभी-कभी बहुत अफ़सोस होता है ये सब देखकर जब किसी की छत उसके सिर से हटा दी जाती है। उसे सडक पर बैठा दिया जाता है।

बागपत। सुप्रसिद्ध सोशल वर्कर सविता अरोड़ा ने सरकार से पूछा कि गरीब की जिंदगी इतनी सस्ती क्यू है। कभी-कभी बहुत अफ़सोस होता है ये सब देखकर जब किसी की छत उसके सिर से हटा दी जाती है। उसे सडक पर बैठा दिया जाता है। सरकार से कहा कि मत छीनो इनकी छत, इनसे मत लो एक गरीब की बदुआ। अगर गरीब की झोपडी हटानी ज़रूरी है तो एक नयी छत भी उन्हें देनी चाहिए। पूछा कि क्या हमारी सरकार को यह सब नहीं दिखता। क्यू झेलनी पडती है एक गरीब को इतनी जिल्लत।
देखा जाये तो शाही खाना एक गरीब किसान की मेहनत से नसीब होता है। आलिशान घर बनाने में मेहनत एक गरीब मज़दूर की होती है। ऐसे बहुत से उदाहरण है, जिसमे एक गरीब इंसान की मेहनत व उसका पसीना लगता है और उन्हें कोई त्वजो नहीं मिलती, सब एक ठेकेदार ले जाता है। उनका कहना है कि सरकार को इन सब चीजों पर ध्यान देना चाहिए और गरीब लोगों का सम्मान करना चाहिए।


