Uncategorized
Trending

खसरा फिर बना खतरा, सर्वे कराकर लगेंगे एमआर के टीके

बागपत। खसरा एक बार फिर बच्चों के लिए खतरा बनकर आया है। देश भर में फिर से खसरे के मरीज मिलने लगे है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने 9 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को एमआर का टीका लगवाने की तैयारी शुरू कर दी है।

खेकड़ा सीएचसी पर सीएचओ और एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मीजल्स-रूबेला यानि एमआर का नियमित टीकाकरण का चक्र टूट जाने से इस बीमारी के फैलने की आशंका बनी है। इस पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। ब्लाक क्षेत्र समेत पूरे जनपद में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यूपी के 19 जिलों में खसरा फैलने की आशंका जाहिर की है। सीएचसी पर आयोजित सीएचओ और एएनएम के प्रशिक्षण में सीएचसी अधीक्षक डा अरविंद मलिक ने बताया कि खसरे के लक्षणों में बुखार का आना, सर्दी-जुकाम के साथ शरीर पर दाने या चकत्ते पड़ते हैं। अगर समय पर उपचार नहीं कराया गया तो दिमागी बुखार का भी खतरा हो सकता है, जो जानलेवा है। बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बच्चों को विशेष टीकाकरण अभियान और इंद्रधनुष अभियान चलाकर टीका लगाया गया था। अब फिर से सर्वे कराकर मालूम किया जाएगा कि कितने बच्चों को खसरे का टीका नहीं लग पाया। बताया कि खसरा होने के बाद बच्चों में निमोनिया, डायरिया भी हो जाता है। कुछ बच्चों में ब्रांकाइटिस के भी लक्षण दिखाई देते हैं। इससे बचाव के लिए 12 से 15 महीने के बीच बच्चे को खसरे का टीका लगवा देना चाहिए। विशेष अभियान चलेगा
सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि खसरे से बचाव के लिए टीकाकरण का विशेष अभियान जनवरी, फरवरी और मार्च में पखवाडे के रूप में चलाया जाएगा। इसमें पांच वर्ष तक के बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। बच्चों को खसरे से बचाने के लिए और भी उपाय किए जा रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button