कोविड में मां-बाप को खो चुके बच्चों को प्रशासन ने कान्हा की कराई सैर
करीब एक साल पहले लगभग इन्हीं दिनों में सदी की सबसे भीषण महामारी में अपने माता-पिता को खो चुके मध्यप्रदेश के मंडला जिले के बच्चों के लिए रविवार का दिन अविस्मरणीय बन गया।

मंडला। करीब एक साल पहले लगभग इन्हीं दिनों में सदी की सबसे भीषण महामारी में अपने माता-पिता को खो चुके मध्यप्रदेश के मंडला जिले के बच्चों के लिए रविवार का दिन अविस्मरणीय बन गया।
मंडला कलेक्टर हर्षिका सिंह के निर्देशानुसार कोविड-19 के समय में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों को कल देर शाम जिला प्रशासन द्वारा कान्हा राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण कराया गया। करीब एक दर्जन से ज्यादा बच्चों के लिए इसके बाद स्वल्पाहार आदि का भी प्रशासन द्वारा इंतज़ाम भी किया गया। बच्चों को जिले के वन्य जीव एवं प्राकृतिक संपदा से भी परिचित कराया गया।
बिछिया तहसीलदार कमल सिहसार के अनुसार अपने परिजन को कोरोना काल में खोने वाले बच्चों ने जिला प्रशासन द्वारा कान्हा भ्रमण के अवसर का खूब आनंद उठाया। इस प्रकार के भ्रमण से बच्चों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया।
मध्यप्रदेश का कान्हा राष्ट्रीय उद्यान अपनी अपार वन संपदा और बाघों के लिए देश भर में प्रख्यात है। कहा जाता है कि ‘जंगल बुक’ फेम मोगली भी कान्हा से ही जुड़ी एक कहानी से प्रेरित है।




