किसानों का एक सप्ताह में किया जाएगा समाधान- तहसीलदार आकांक्षा जोशी
जब तक किसानों का समाधान नहीं होता है नहीं की जाएगी भूमि अधिग्रहण

मवाना( संवादाता आरके विश्वकर्मा)। एनएच 119 हाईवे पर किसानों की भूमि अधिग्रहण में कम मुआवजा मिलने को लेकर चल रहे धरना में डीएम के आदेश पर स्थगित कर दिया था। लेकिन उनकी मांग पूरी न होने पर शनिवार को झुनझुनी बाईपास हाईवे के बराबर में 5 घंटे चल धरना प्रदर्शन में डीएम के आदेश पर तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। जहां किसानों को तहसीलदार ने एक सप्ताह में हर संभव समाधान कराने का आश्वासन दिया। किसानों ने अपनी मांग को रखते हुए कहा कि जब तक किसानों का समाधान नहीं होता है तो तब तक किसानो की जमीन भूमि अधिग्रहण नहीं होगी। अगर ठेकेदार द्वारा भूमि अधिग्रहण की गई तो वह आत्मदाह करेंगे।
बताते चले कि झुनझुनी मार्ग से लेकर गांव राजपुर, हांसापुर, बहसूमा, मोडकला, मौडखुर्द, मोहम्मदपुर शकिस्त के किसानों को सर्किल रेट से कम मुआवजा मिला है। किसान नेता कपिल चाहल, कैप्टन सुभाषचंद, पूर्व चैयरमैन विनोद चाहल, प्रवेश जैनर, सुरेन्द्र राणा आदि ने बताया कि एनएच 119 हाईवे पर कुछ किसानों को सर्किल रेट ₹270 मीटर दिया गया है। लेकिन उसके बराबर में 860 रुपए मीटर के हिसाब से मुआवजा दिया गया है। सरकार किसानो से सौतेला व्यवहार कर रही है। जिसको लेकर 6 माह धरना प्रदर्शन चला था। लेकिन जिलाधिकारी दीपक मीणा ने किसानों को हर संभव उनका मुआवजा सर्किल रेट से दिए जाने का आश्वासन देकर धरना स्थगित करा दिया था। किसानों ने धरना स्थगित कर एक टीम बनाई थी। जिसमें 6 माह से लगातार डीएम मेरठ से मिल रहे थे। आश्वासन मिलने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला तो शनिवार को उत्तेजित किसानों ने 5 घंटे धरना प्रदर्शन किया। धरने में किसानों ने कहा कि जब तक किसानों को ₹860 मीटर के हिसाब से मुआवजा नहीं मिला तो वह अपनी भूमि अधिग्रहण नहीं करने देंगे। डीएम मेरठ दीपक मीणा के आदेश पर मौके पर पहुंची तहसीलदार आकांक्षा जोशी एवं नायब तहसीलदार आदेश कुमार ने किसानों से कहा कि लोकसभा चुनाव के चलते सभी अधिकारी व्यस्त थे। उन्होंने किसानों के हक में रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। एक सप्ताह के अंदर समाधान हो जाएगा। किसानों ने कहा कि जब तक किसानो की मांग पूरी नहीं होती है तब तक एनएच हाईवे पर ठेकेदार द्वारा कार्य नहीं किया जाएगा। तभी किसानो की मांग को रखते हुए तहसीलदार ने जिलाधिकारी को फोन कर मामले से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने किसानों की मांग को रखते हुए कहा कि जब तक किसानों का समाधान नहीं होता है तब तक ठेकेदार द्वारा भूमि अधिग्रहण नहीं की जाएगी। उनके आश्वासन पर धरना को समाप्त कर दिया। धरने की अध्यक्षता महकार सिंह तथा संचालन कपिल चाहल ने किया। धरने में मुख्य रूप से पूर्व चैयरमैन विनोद चाहल, कैप्टन सुभाष, सुरेन्द्र राणा, जयबीर अहलावत, कपिल अहलावत, सभासद वीरेंद्र नागर, गौरव राजवंशी, मास्टर विकास, अमरजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रवेश जैनर, शौकेन्द्र सिह, सुमित अग्रवाल, महेन्द्र सिंह, अनुप गिरी, श्रवण कुमार, मास्टर रविन्द्र कुमार, सभासद राजू राठी, मुनेश राठी, जोगेंद्र, बंटी उर्फ गौरव आदि मौजूद रहे।


