राज्य
Trending
कारगिल विजय दिवस पर ड्राइंग व पेटिंग प्रतियोगिता
वीवी इंटर कालेज में एनसीसी कैडेटों ने भारतीय सेना के शौर्य को किया नमन वक्ताओं ने कैडेटों का किया आहवानः मातृभूमि के लिए नैतिक कर्तव्यों का करें निर्वहन


शामली। शहर के वीवी इंटर कालेज में बुधवार को कारगिल विजय दिवस के मौके पर एनसीसी कैडेटों द्वारा ड्राइंग एवं पेटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर भारतीय सेना के शौर्य पर कई तरह की पेटिंग बनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। वक्ताओं ने कैडेटों से आहवान किया कि वे सभी संकल्प लेकर एक सैनिक के रूप में अथवा एक नागरिक के रूप में अपनी मातृभूमि के लिए नैतिक कर्तव्यों का निर्वहन कर राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका अदा करें।
जानकारी के अनुसार बुधवार को कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहर के वीवी इंटर कालेज में ड्राइंग एवं पेटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कैडेटों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा भारतीय सेना के शौर्य पर कई तरह की पेटिंग बनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायक मंडल के रूप में कला अध्यापक अर्जुन राम, डा. अर्चना शर्मा, नीरज द्वारा दिए गए निर्णय में कैडेट मनु प्रथम, वैभव शर्मा ने द्वितीय, कैडेट मंताशा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रधानाचार्य एसके आर्य ने कहा कि कारगिल विजय दिवस अपने आप में हमारे देश की एक ऐतिहासिक विजय है क्योंकि हमारे देश के वीर जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में हजारों फीट की ऊंचाई पर घात लगाकर बैठे दुश्मनों को जिस प्रकार भारत की पावन भूमि से खदेडने का काम किया वह अपने आप में एक इतिहास है। उन्हानें कैडेटों का आहवान किया कि वे अपने जीवन में आगे बढ़कर मातृभूमि के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। कैप्टन रजनीश कुमार ने कहा कि आपरेशन विजय के रूप में 60 दिन तक चले इस युद्ध में भारतीय सेना के लगभग 527 सैनिक शहीद हुए तथा 1400 घायल हुए। शहीदों में कैप्टन विक्रम बत्रा, योगेन्द्र यादव, मनोज पांडे, बलवान सिंह, मेजर राजेश सिंह, रायफल मैन संजय कुमार, मेजर विवेक गुप्ता, कैप्टन एन केंगुरूसे, लेफ्टिनेट कीशिंग नांग्रम, नायक दिगेन्द्र कुमार ने अदम्य साहस व पराक्रम से दुश्मनों को घुटनों के बल पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया। सभी शहीदों को मरणोपरांत परमवीर चक्र, महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। सेकेंड आफिसर डा. विजय कुमार ने कहा कि भारतीय सेना का इतिहास ऐसी अनेकों वीरगाथाओ से भरा हुआ जब जब देश पर, मातृ भूमि पर कोई भी संकट आया है भारतीय सेनाओं ने विपक्षियों को मुंह के बल गिरने और पीछे हटने को मजबूर किया है चाहे वह पाकिस्तान के साथ युद्ध हो या चीन से। ऐसा पराक्रम पूरे विश्वपटल पर अन्यत्र कहीं भी देखने को नहीं मिलता है। उन्होंने आहवान किया सभी को संकल्प लेकर एक सैनिक के रूप में अथवा एक नागरिक के रूप में मातृ भूमि के लिए अपने नैतिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए राष्ट्र के निर्माण में अपनी महती भूमिका निभानी चाहिए। इस अवसर पर अमरपाल सिंह, कुलदीप पंवार, मनोज कुमार, राजवीर सिंह, राजनाथ सिंह, दिनेश तोमर, प्रमोद कुमार, विनोद कुमार, राजीव कुमार, संदीप मित्तल, श्रवण, शशिकांत, विनय गुप्ता आदि मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार बुधवार को कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहर के वीवी इंटर कालेज में ड्राइंग एवं पेटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कैडेटों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा भारतीय सेना के शौर्य पर कई तरह की पेटिंग बनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायक मंडल के रूप में कला अध्यापक अर्जुन राम, डा. अर्चना शर्मा, नीरज द्वारा दिए गए निर्णय में कैडेट मनु प्रथम, वैभव शर्मा ने द्वितीय, कैडेट मंताशा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रधानाचार्य एसके आर्य ने कहा कि कारगिल विजय दिवस अपने आप में हमारे देश की एक ऐतिहासिक विजय है क्योंकि हमारे देश के वीर जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में हजारों फीट की ऊंचाई पर घात लगाकर बैठे दुश्मनों को जिस प्रकार भारत की पावन भूमि से खदेडने का काम किया वह अपने आप में एक इतिहास है। उन्हानें कैडेटों का आहवान किया कि वे अपने जीवन में आगे बढ़कर मातृभूमि के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। कैप्टन रजनीश कुमार ने कहा कि आपरेशन विजय के रूप में 60 दिन तक चले इस युद्ध में भारतीय सेना के लगभग 527 सैनिक शहीद हुए तथा 1400 घायल हुए। शहीदों में कैप्टन विक्रम बत्रा, योगेन्द्र यादव, मनोज पांडे, बलवान सिंह, मेजर राजेश सिंह, रायफल मैन संजय कुमार, मेजर विवेक गुप्ता, कैप्टन एन केंगुरूसे, लेफ्टिनेट कीशिंग नांग्रम, नायक दिगेन्द्र कुमार ने अदम्य साहस व पराक्रम से दुश्मनों को घुटनों के बल पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया। सभी शहीदों को मरणोपरांत परमवीर चक्र, महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। सेकेंड आफिसर डा. विजय कुमार ने कहा कि भारतीय सेना का इतिहास ऐसी अनेकों वीरगाथाओ से भरा हुआ जब जब देश पर, मातृ भूमि पर कोई भी संकट आया है भारतीय सेनाओं ने विपक्षियों को मुंह के बल गिरने और पीछे हटने को मजबूर किया है चाहे वह पाकिस्तान के साथ युद्ध हो या चीन से। ऐसा पराक्रम पूरे विश्वपटल पर अन्यत्र कहीं भी देखने को नहीं मिलता है। उन्होंने आहवान किया सभी को संकल्प लेकर एक सैनिक के रूप में अथवा एक नागरिक के रूप में मातृ भूमि के लिए अपने नैतिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए राष्ट्र के निर्माण में अपनी महती भूमिका निभानी चाहिए। इस अवसर पर अमरपाल सिंह, कुलदीप पंवार, मनोज कुमार, राजवीर सिंह, राजनाथ सिंह, दिनेश तोमर, प्रमोद कुमार, विनोद कुमार, राजीव कुमार, संदीप मित्तल, श्रवण, शशिकांत, विनय गुप्ता आदि मौजूद रहे।



