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इतिहासकार अमित राय जैन ने सिनौली एवं आलमगीरपुर में संग्रहालय बनाए जाने की मांग की

शहजाद राय शोध संस्थान बड़ौत के निदेशक वरिष्ठ इतिहासकार डॉ अमित राय जैन ने केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि विश्व भर में विख्यात जनपद बागपत के सिनौली उत्खनन स्थल पर साइट म्यूजियम बनाया जाए! इसी प्रकार हड़प्पा कालीन सभ्यता के सबसे अंतिम छोर विश्व प्रसिद्ध पुरास्थल आलमगीरपुर गांव जो कि हिंडन नदी के बराबर में पुरा महादेव मंदिर के पीछे स्थित है, वहां भी एक म्यूजियम की स्थापना की जाए! ताकि देश की राजधानी दिल्ली के अत्यंत निकट स्थित इन दोनों अति महत्वपूर्ण स्थानों पर देश दुनिया के पर्यटक एवं पुरातत्व प्रेमी आकर यहां के उत्खनन से प्राप्त इतिहास एवं महत्वपूर्ण संस्कृति के प्रमाणों को देख सकें!

इस संबंध में जानकारी देते हुए इतिहासकार डॉ अमित राय जैन ने बताया कि यह दोनों महत्वपूर्ण स्थान प्राचीन कुरु जनपद की राजधानी हस्तिनापुर एवं इंद्रप्रस्थ दिल्ली के बीच में स्थित हैं, यहां पर दोनों स्थानों पर दो बार पुरातात्विक उत्खनन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा कराया गया है! इन दोनों स्थानों से अति महत्वपूर्ण भारत की प्राचीन सभ्यता के प्रमाण एवं मानव संस्कृति के अवशेष मिलने से यह प्रमाणित हुआ है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद बागपत एवं मेरठ के आसपास में अति समृद्ध मानव सभ्यता के लोग निवास करते थे!
सिनौली के उत्खनन से प्राप्त युद्धरथो एवं शवाधान केंद्र के विभिन्न प्रकारों ने संपूर्ण विश्व के पुरातत्व एवं इतिहास प्रेमियों को यहां पर शोध करने के लिए आकर्षित किया है! परंतु विश्व भर से जो पुरातत्व प्रेमी सिनौली का रुख करते हैं परंतु यहां पर खाली भूमि ही देखकर उन्हें जाना पड़ता है इसलिए आवश्यक है कि यहां से प्राप्त सभी पुरातात्विक प्रमाण को साइट म्यूजियम बनाकर यहीं पर प्रदर्शित किया जाए!

म्यूजियम की स्थापना से मेरठ मंडल में पर्यटन की संभावनाओं को भी बल मिलेगा! जैन ने और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में वह शीघ्र ही केंद्रीय संस्कृति मंत्री भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक से उनके कार्यालय में जाकर मिलेंगे! उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति सचिव मुकेश कुमार मेश्राम से उनके लखनऊ प्रवास के दौरान इस संबंध में बात हो चुकी है! शीघ्र ही उत्तर प्रदेश सरकार को भी वह मंडल आयुक्त मेरठ तथा मेरठ एवं बागपत के जिला अधिकारियों के माध्यम से पत्र लिखकर समस्त जानकारियां भेजी जाएंगी, उनका प्रयास है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इन दोनों अत्यंत महत्वपूर्ण पूरा स्थलों पर संग्रहालय की स्थापना हो!

उन्होंने बताया कि पिछले 2 वर्ष पूर्व केंद्र सरकार ने हस्तिनापुर के महत्व को देखते हुए महाभारत सर्किट योजना केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत तैयार किया है, जिसके लिए 500 करोड रुपए का बजट भी पारित किया गया है! उनकी मांग है कि इसी बजट में इन दोनों संग्रहालयों की स्थापना एवं निर्माण का कार्य किया जाए!
डॉ अमित राय जैन द्वारा आलमगीर पुर गांव के प्राचीन टीले का सर्वेक्षण कर गांव के प्रधान मनोज एवं ग्रामीणों से भूमि की उपलब्धता के विषय में भी चर्चा की गई!

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