इजराइल ने यमन में हूती विद्रोहियों पर किए हवाई हमले, जवाब में हूतियों ने भी दागी मिसाइल
इजराइल की सेना ने यमन में हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले बंदरगाहों और उनके ठिकानों को निशाना बनाकर सोमवार तड़के हवाई हमले किए जिसके जवाब में विद्रोहियों ने भी इजराइल की ओर मिसाइल दागी।

इजराइल की सेना ने यमन में हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले बंदरगाहों और उनके ठिकानों को निशाना बनाकर सोमवार तड़के हवाई हमले किए जिसके जवाब में विद्रोहियों ने भी इजराइल की ओर मिसाइल दागी। इजराइल की सेना ने कहा कि उसने हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले होदेदा, रास ईसा और सालिफ बंदरगाहों के साथ-साथ रास कनातिब ऊर्जा संयंत्र पर हमले किए।

उसने कहा, ‘‘इन बंदरगाहों का इस्तेमाल हूतियों द्वारा ईरान की सरकार से हथियार लाने के लिए किया जाता है। ये हथियार फिर इजराइल और उसके सहयोगियों के खिलाफ आतंकवादी हमलों में इस्तेमाल किए जाते हैं।’’

इजराइल की सेना ने कहा, ‘‘हूती विद्रोहियों ने जहाज पर एक रडार प्रणाली लगाई थी और वे इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में जहाजों का पता लगाने के लिए कर रहे हैं ताकि आगे की आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।’’
बहामास के ध्वज वाला जहाज ‘गैलेक्सी लीडर’ एक इजराइली अरबपति से संबंधित था। इजराइली सेना ने कहा कि जहाज पर कोई इजराइली मौजूद नहीं था।
हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की पुष्टि की लेकिन उसने हमले में हुए नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने दावा किया कि उनकी वायु रक्षा सेना ने ‘‘इजराइल के हमले का प्रभावी तरीके से सामना किया’’ लेकिन उन्होंने इसके समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं दिया।
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने और हमलों की चेतावनी दी है।
काट्ज ने एक बयान में कहा, ‘‘जैसा कि ईरान को उसके किए की सजा मिली, ऐसी ही हूतियों को भी मिलेगी। जो कोई भी इजराइल के खिलाफ हाथ उठाएगा, उसके हाथ काट दिए जाएंगे। हूतियों को अपने किए की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।’’
ये हमले रविवार को लाल सागर में लाइबेरियाई ध्वज वाले जहाज को निशाना बनाकर किए गए हमले के बाद किए गए। इस हमले में लाइबेरियाई ध्वज वाले जहाज में आग लग गई थी और उसमें पानी भर गया था जिसके बाद चालक दल को जहाज को छोड़ना पड़ा।
एक सुरक्षा कंपनी के अनुसार, जहाज पर पहले छोटे हथियारों और रॉकेट से दागे जाने वाले ग्रेनेट (आरपीजी) से हमले के बाद बम से लैस ड्रोन नौकाओं ने उसे निशाना बनाया।



