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आखिर सरकार की मनसा के अनुरूप कब बदलेगी तस्वीर ?

जिला परिषद मार्केट से वसूल किया जाने वाला जल व गृहकर के अनुरूप नहीं बदली पश्चिमी उत्तरप्रदेश के सबसे बड़े बाजार जिला परिषद मार्केट की सूरत, वही जर्जर हालत में गेट, उजड़े पार्क, गंदे शौचालय ,उलझते बिजली के तार, आखिर कब होगा सुधार?

मुजफ्फरनगर (मो० सुहैल)। जिला परिषद मार्केट से वसूल किया जाने वाला जल व गृहकर के अनुरूप नहीं बदली पश्चिमी उत्तरप्रदेश के सबसे बड़े बाजार जिला परिषद मार्केट की सूरत, वही जर्जर हालत में गेट, उजड़े पार्क, गंदे शौचालय ,उलझते बिजली के तार, आखिर कब होगा सुधार? दवा व्यापारियों में हो रही चर्चा मार्किट की साफ सफाई व अन्य सुविधाओं पर होने वाले खर्चे से ज्यादा हम दे रहे है टैक्स, आज जिला परिषद मार्केट में सतीश तायल मेडिकोज पर मुजफ्फरनगर के कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला परिषद (दवा बाजार) में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर वीरपाल निरवाल का भ्रमण हुआ, जिसमें अध्यक्ष जी ने अव्यवस्था और गंदगी को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए व्यापारियों को अर्थदंड लगाने का भी वक्तव्य दिया,अर्थदंड लगाने की चेतावनी भी दी,यह बात सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसके कारण मुजफ्फरनगर कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन से जिला परिषद मार्केट के अनेकों दवा व्यापारियों ने संपर्क कर अपना पक्ष रखा, इस संदर्भ में समस्त पदाधिकारियों ने एक सभा का आयोजन किया और अर्थदंड लगाने की बात का पुरजोर तरीके से विरोध किया, और शासन से मांग की है की जिला परिषद के द्वारा बनाई गई दुकानों के लिए कर्मचारियों की संख्या, उनके नाम, उनके पद, उनकी संख्या और वह व्यक्ति यथास्थिति कहां पर कार्य कर रहे हैं और जिला परिषद दवा बाजार में जो कर्मचारी नियुक्त है उनकी जैसे (सफाई व्यवस्था, रखरखाव, सुरक्षा, माली) आदि जैसे कर्मचारी कहां पर कार्य कर रहे हैं यह एक बहुत बड़ा प्रश्न है ? जिला परिषद मैं लगभग 200 दवा व्यवसाई कार्यरत है जो अपने किराए का 10% ग्रह कर और 10% जल कर का भुगतान करते हैं यदि यही पैसा जिला परिषद के रखरखाव में लगता रहे तो यह समस्या स्वतः ही खत्म हो जाएगी परंतु यह पैसा कहां लगाया जा रहा है इसका कोई भी लेखा जोखा सार्वजनिक नहीं है, जबकि यह दवा बाजार पश्चिमी उत्तर प्रदेश का 1972 से निर्मित सबसे बड़ा और जिले को सबसे ज्यादा रेवेन्यू देने वाला बाजार है। 1972 से निर्मित जिला परिषद दवा बाजार की हालत जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है सरकार की नीति सौंदर्य करण की है परंतु कई मर्तबा याद दिलाने के बावजूद भी प्रशासन का जिला परिषद के पार्क, शौचालय, महिलाओं के लिए जो सरकार की नीति है पिंक शौचालय, सफाई व्यवस्था एवं सुरक्षा, बिजली के तारों की जर्जर हालत एवं बी०एस०ए० कंपाउंड में लगे छोटे गेट की हालत बहुत ही जर्जर अवस्था में है। संस्था के संरक्षक डॉ आरके गुप्ता ने कहा व्यापारियों पर अर्थदंड की जो बात कही गई है यह बिल्कुल भी बर्दाश्त के काबिल नहीं है और समस्त व्यापारी इसका पुरजोर विरोध करेगा और संस्था के महामंत्री संजय गुप्ता ने कहा की दवा व्यापारी ने सरकार को कोरोना काल में अपनी जान पर खेलकर अपने संस्थानों को खोल कर प्रत्येक नागरिक की मदद करी है, उस व्यापारी के लिए किसी प्रकार से यदि कोई अर्थदंड की बात कहता है तो इस प्रकार की अर्थहीन बात का संपूर्ण व्यापारी विरोध करेगा। सभा में चेयरमैन प्रमोद मित्तल अध्यक्ष सुभाष चौहान वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र गर्ग सतीश तायल सुधीर त्यागी रविंद्र छाबड़ा संदीप चौहान सचिन त्यागी मयंक बंसल अभिषेक वालिया दिव्य प्रताप सोलंकी मोहित इत्यादि लोग उपस्थित रहे।

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