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आखिर सभी के लिए खास क्यों है डॉ भारती गाँधी ?- डॉ. अजय कुमार मिश्रा

सामाजिक पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले प्रत्येक व्यक्तियों में निसंदेह ईश्वरीय शक्ति का विद्यमान होता है, जिससे वह न केवल करोड़ों की भीड़ में अलग दिखतें है बल्कि समाज के लिए कुछ ऐसा कर देतें है

सामाजिक पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले प्रत्येक व्यक्तियों में निसंदेह ईश्वरीय शक्ति का विद्यमान होता है, जिससे वह न केवल करोड़ों की भीड़ में अलग दिखतें है बल्कि समाज के लिए कुछ ऐसा कर देतें है जिसका लाभ सभी को मिलता है जिसके अनुसरण को सभी बाध्य होते है तथा उपलब्धियों की सराहना भी स्वप्रेरित होकर करतें रहतें है। उन्ही विशेष व्यक्तित्व में से एक बेहद खास व्यक्तित्व डॉ भारती गाँधी है। जिन्होंने अपने कई दशकों के कठिन परिश्रम से न केवल अपने शिक्षण संस्थान की पहचान दुनियांभर में कराया है बल्कि लाखों बच्चों का जीवन परिवर्तित कर दुनियां के कोने-कोने में अपनी उपस्थिति का एहसास मजबूती से करा रही है। आप लखनऊ के सिटी मोंटेसरी स्कूल की संस्थापिका है। विगत कई दशकों से लगातार वैश्विक प्रतियोगी स्तर की शिक्षा का परिचय लखनऊ से उन्होंने कराया है जिसका लाभ आज शहर के हजारों छात्रों को मिल रहा है।

बेहद सरल सौम्य, विचारवान, दिव्य गुणों से परिपूर्ण, प्रभावशाली, प्रत्येक परिस्थिति में सामान रूप में कार्यरत, आधुनिकता और दिखावे से बहुत दूर, लगातार करती कठिन परिश्रम, डॉ भारती गाँधी 87 वर्ष से अधिक की उम्र होने के बावजूद आज भी कार्य कर रही है | कार्य करने का जोश और उत्साह किसी भी युवा से अधिक आज भी विद्यमान है | आज भी सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए लगातार कार्य कर रही है | विलक्षण प्रतिभा की धनी और दुर्लभ व्यक्तित्व किसी भी व्यक्ति को प्रभावित करने में सक्षम है । न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि सामाजिक जन जागरूकता और आम आदमी में सद्भाव और विकास के लिए अनेकों कार्यक्रम भी करती रहती है।

मुसीबत की घड़ी में भी सबसे पहले सामने आकर देश सेवा और समाज सेवा करना उनके रक्त में ही विद्यमान है। कोरोना महामारी में न केवल वित्तीय सहायता प्रदान किया बल्कि अपने संस्थान के सभी द्वार महामारी से लड़ने के लिए खोले रखा था। अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराने के पश्चात् सभी को यह लग रहा था की लखनऊ में दंगा जरुर होगा पर डॉ भारती गाँधी ने कमान सम्हाल कर जागरूकता रैलियों को आयोजित कर सभी धर्मों और समुदाओं को एकजूट रखा | एक दो नहीं ऐसे अनेकों स्थितियां रही जब डॉ. भारती गाँधी ने शहर को मुसीबत में संभालने का कार्य किया है। उत्तर प्रदेश सरकार में मनोविज्ञानी के रूप में कार्य करने के पश्चात् सामाजिक बड़े बदलाव की प्रतिबद्धता और कठोर परिश्रम को जानतें हुए भी सीएमएस स्कूल की न केवल स्थापना किया बल्कि एक ऐसे स्तर पर विद्यमान कर दिया है जिसकी चर्चा वैश्विक स्तर पर है। डॉ भारती गाँधी को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है। दहेजप्रथा और शराब सेवन के दुष्प्रभावों समेत कई सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर उन्होंने लगातार कार्य किया है।

जर्मनी, होलैंड, फ्रांस, यूएसएसआर, यूएसए, इंग्लैंड,अफगानिस्तान, हांगकांग, मलेसिया, थाईलैंड, सिंगापुर, बर्मा, इजराइल और ईरान समेत कई देशों में जाकर अपने विचारों को भी रखा है। जनहित के प्रति इनका समर्पित जीवन सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। जल्द ही इनके जीवन पर एक पुस्तक भी प्रकाशित होने वाली है जिसमे सभी पहलुओं को क्रमवार अंकित किया गया है जिसकों पढ़ने के पश्चात् कोई भी यह आसानी से कह सकता है की वास्तव में जीवन के प्रति हम सभी का नजरिया कैसा होना चाहिए और कभी भी लगातार कठोर परिश्रम से गुरेज नहीं करनी चाहिए। डॉ भारती से मिलने के लिए कई लोग पहुचतें है और वो न केवल प्रत्येक व्यक्ति से समय निकालकर मुलाकात करती है बल्कि उनकी समस्याओं का सरल तरीके से समाधान करती है तथा आवश्यक सहयोग भी प्रदान करती है।

जब कोई संस्थान बहुत ही बृहद बन जाता है तो उसके पीछे का श्रेय निसंदेह उन व्यक्तित्व को देना चाहिए जिन्होंने त्याग, प्रतिबद्धता और कठोर परिश्रम के साथ-साथ नीति और नियमों के अधीन रहकर एक ऐसी ऐतिहासिक ईमारत का निर्माण किया है जो तब तक विद्यमान रहेगा जब-तक इस देश में सूर्य और चन्द्र विद्यमान है और सीएमएस के सन्दर्भ में स्वर्गीय डॉ. जगदीश गाँधी के साथ-साथ डॉ. भारती गाँधी को इसका सीधा श्रेय और सम्मान सभी के द्वारा दिया जा रहा है क्योंकि उनकी सोच ने ही एक मूर्त स्वरुप का निर्माण किया है जहाँ हजारों बच्चो का जीवन आधुनिकता की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ वैश्विक प्रतियोगिताओं से लड़ने और उस पर विजय पाने की शिक्षा, भारतीय संस्कृति और संस्कार के अनुरूप प्रदान किया जा रहा है। सामाजिक और आम आदमी के विकास के लिए डॉ. भारती गाँधी की प्रतिबद्धता और किया जा रहा कार्य न केवल स्वागत योग्य है बल्कि सराहनीय इसलिए है की कई दशकों की यह यात्रा आज भी उसी जोश, उमंग और उत्साह के साथ चल रही है जो इस मिशन के आरम्भ में थी। ईश्वर डॉ. भारती गाँधी को अच्छा स्वास्थ्य और लम्बी उम्र प्रदान करें उनके ज्ञान के भंडार और नेतृत्व की जरूरत सामाजिक रूप से सभी को है। यह एक ऐसी महान सख्शियत है जिनके जीवन का वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता।

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