अमेठी: बेटी की शादी की खुशियों पर गैस किल्लत का साया, दिनभर लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटा पिता

अमेठी। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव का असर अब अमेठी के ग्रामीण अंचलों में शादियों की तैयारियों पर साफ दिखने लगा है। जनपद के अमेठी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत डेढ़ पसार गांव में एक पिता के लिए अपनी बेटी की शादी की खुशियां उस वक्त फीकी पड़ गईं, जब उसे गैस सिलेंडर के लिए अपनी सारी तैयारी छोड़कर दिनभर लाइन में खड़ा होना पड़ा। बुकिंग के बावजूद सिलेंडर न मिलने से शादी वाले घर में अफरा-तफरी का माहौल है और हलवाई को मजबूरन पारंपरिक लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है।

काम छोड़कर गैस एजेंसी पर डेरा डेढ़ पसार निवासी पीड़ित पिता की बेटी का विवाह संपन्न होना है, लेकिन घर में मेहमानों के आने और पकवान बनने के समय ही गैस की किल्लत खड़ी हो गई। पीड़ित ने बताया कि उसने समय रहते सिलेंडर की बुकिंग करा दी थी, लेकिन आपूर्ति न होने के कारण उसे सुबह से लेकर देर रात तक गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ा। अपनी बेटी की शादी की अन्य जरूरी व्यवस्थाएं और काम छोड़कर वह केवल एक सिलेंडर की उम्मीद में भूखा-प्यासा लाइन में लगा रहा, फिर भी उसे खाली हाथ ही लौटना पड़ा।

चूल्हे और धुएं के बीच बन रही मिठाई गैस सिलेंडर न मिलने का सीधा असर शादी के खान-पान पर पड़ा है। घर पर आए हलवाई ने काफी इंतजार किया, लेकिन जब गैस का इंतजाम नहीं हो सका तो उसने हार मानकर लकड़ी के चूल्हे और गट्टू पर मिठाई बनाना शुरू कर दिया। हलवाई आशु का कहना है कि गैस के मुकाबले लकड़ी पर पकवान बनाना न केवल कठिन है, बल्कि इसमें समय भी अधिक लगता है और धुएं के कारण काम करना दूभर हो जाता है। लेकिन शादी की तिथि नजदीक होने के कारण उनके पास इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
प्रशासनिक दावों के उलट जमीनी हकीकत एक ओर जहां जिला प्रशासन गैस की आपूर्ति सामान्य होने के दावे कर रहा है, वहीं अमेठी के गांवों से आ रही ये तस्वीरें दावों की पोल खोल रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें घंटों इंतजार कराया जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है। यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में शादियों के इस सीजन में कई अन्य परिवारों को भी इसी तरह की भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।



