हेल्थ

अब आशा भी करेंगी मलेरिया की जांच,यूएचएनडी पर शुरू हुई मलेरिया की जांच

 

मेरठ। समुदाय में लोगों को मलेरिया से सुरक्षित बनाने को लेकर नई पहल की गयी है। इसके तहत आशा कार्यकर्ता भी घर.घर जाकर मलेरिया की जांच करेंगी। जिले में शहरी स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस यूएचएनडी पर मलेरिया की जांच आरंभ कर दी गई है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को बाकायदा अभियान चलाकर प्रशिक्षण दिया गया है।

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी और नोडल अधिकारी, वेक्टर बोर्न डिजीज वीबीडी डॉ. अंकुर त्यागी और जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया जनपद में बुखार आने पर शहर वासियों को मलेरिया की जांच करवाने के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रए जिला चिकित्सालय या फिर मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता था। अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी, आशा कार्यकर्ता घर.घर जाकर भी मलेरिया की जांच करेंगी।

डाण् अंकुर त्यागी ने बताया अक्टूबरए 2022 से एंबेड परियोजना, जो मच्छर जनित बीमारियों से बचाव पर कार्य कर रही हैए के सदस्यों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ शहरी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को आरडीटी,रैपिड डायग्नोस्टिक किट द्वारा मलेरिया जांच के लिए  अभियान चलाकर प्रशिक्षित किया गया एवं मलेरिया की जांच किट उपलब्ध कराई गई। इसके बाद यूएचएनडी पर एएनएम व आशा द्वारा  घर.घर जांच शुरू कर दी गई है। इसका प्रभाव यह रहा है कि जांच में मलेरिया के मरीज निकल कर आ रहे हैं।यूपीएचसी पुलिस लाइन में 5 , तारापुरी में 4 , रफीकपुरा प्रभात नगर में 3 जांच की गयी है।  यूएचएनडी पर जांच शुरू होने के साथ अन्य शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया है। जल्दी ही सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यूएचएनडी के मौके पर मलेरिया जांच शुरू कर दी जाएगी।

ऐसे  पता चलता है मलेरिया

आरडीटी किट के माध्यम आशा व एएनएम घर-घर पहुंचकर बुखार की जांच कर सकती हैं। इसमें रक्त का नमूना लेने के बाद किट पर लगाया जाता है। रिजल्ट पॉजिटिव आता है तो मलेरिया की पुष्टि हो जाती है और निगेटिव आने पर यह साफ हो जाता है कि रोगी मलेरिया से पीड़ित नहीं है। मलेरिया की पुष्टि होने पर आशा व एएनएम पीड़ित को नजदीकी हेल्थ पोस्ट पर ले जाकर भर्ती कराती हैं।

बुखार होने पर न बरतें लापरवाही

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता हैए अतरू बुखार आने पर जांच कराना अत्यंत आवश्यक है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए मलेरिया अत्यंत घातक है। एंबेड परियोजना के सदस्य घर-घर जाकर मेरठ की 200 शहरी बस्तियों में जागरूकता अभियान चला रहे हैं जिससे जन समुदाय जागरुक हो और मलेरिया व डेंगू से सुरक्षित रहें ।

ऐसे करें बचाव,अपने आस.पास साफ सफाई रखें। पानी इकट्ठा न होने दें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। मच्छरदानी लगा कर सोएं। कटे हुए फलों को ढककर रखें।

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